लखनऊ/प्रयागराज। माघ मेले में श्रद्धालुओं की आस्था के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योगी सरकार ने इस वर्ष सख्त और आधुनिक खाद्य सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के तहत मेला क्षेत्र में शुद्ध और सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर निगरानी व्यवस्था खड़ी की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि 17 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं को बिना किसी बड़ी शिकायत के सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया गया।
स्पेशल अफसर के रूप में सुशील कुमार सिंह को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी
माघ मेले में खाद्य सुरक्षा की कमान सहायक खाद्य आयुक्त एवं स्पेशल अफसर सुशील कुमार सिंह को सौंपी गई। उनके नेतृत्व में पूरे मेला क्षेत्र में निरीक्षण और जन-जागरूकता अभियानों को तेज किया गया। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट था कि आस्था के इस महापर्व में किसी भी प्रकार की खाद्य लापरवाही की कोई गुंजाइश न रहे।

सात जोन, स्पेशल टीमें और हाईटेक निगरानी
पूरे मेला क्षेत्र को सात जोन में विभाजित कर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की प्रभावी तैनाती की गई। इसके साथ ही ‘स्पेशल 18 टीम’ और पांच अत्याधुनिक फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स वाहनों के माध्यम से हर सेक्टर में निरंतर निगरानी की गई। सेक्टर-3 से पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग करते हुए अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन न हो।
डीओएम मशीन से फ्राइंग ऑयल की सख्त जांच
मेला क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए डीओएम मशीनों का व्यापक उपयोग किया गया। खास तौर पर फ्राइंग ऑयल की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी गई, ताकि बार-बार उपयोग किए गए खराब तेल से श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को कोई नुकसान न पहुंचे।
होटल, ढाबे और भंडारों पर कड़ा एक्शन
होटल, ढाबों और भंडारों पर युद्धस्तर पर निरीक्षण अभियान चलाया गया। फूड लाइसेंस और रेट लिस्ट को अनिवार्य किया गया, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। ओवररेटिंग या लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिससे कारोबारियों में नियमों के पालन को लेकर स्पष्ट संदेश गया।
डिजिटल मॉनिटरिंग और जागरूकता अभियान
फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप के क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल मॉनिटरिंग की गई। इसके साथ ही एलईडी वैन और होर्डिंग्स के जरिए मिलावट के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं के साथ सम्मानपूर्ण और सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
फूड सेफ्टी का मॉडल बना माघ मेला
योगी सरकार के नेतृत्व और सुशील कुमार सिंह की सक्रिय भूमिका में माघ मेला केवल आस्था का पर्व नहीं रहा, बल्कि खाद्य सुरक्षा का एक सफल मॉडल बनकर उभरा। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था को भविष्य के अन्य बड़े आयोजनों में भी लागू किया जाएगा, ताकि जनस्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न हो।