लखनऊ। कृषि अवसंरचना निधि (AIF) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तर प्रदेश को ‘बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट’ का पुरस्कार प्रदान किया गया है। यह सम्मान कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से चंडीगढ़ में आयोजित एआईएफ रीजनल कॉन्फ्रेंस में दिया गया। समारोह में एआईएफ सेल की इंचार्ज एवं अपर जिला सहकारी अधिकारी अर्चना रॉय को ‘बेस्ट स्टेट गवर्नमेंट इम्प्लाई’ के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
अर्चना रॉय की भूमिका रही अहम
इंचार्ज एसपीएमयू सेल (AIF) के रूप में कार्यरत अर्चना रॉय ने प्रदेश में योजना के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी प्रशासनिक दक्षता और आर्थिक समझ के चलते उत्तर प्रदेश ने सहकारिता के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी से अर्थशास्त्र में एम.ए. की डिग्री प्राप्त करने वाली अर्चना रॉय ने अपने शैक्षणिक ज्ञान और कार्यकुशलता का प्रभावी उपयोग करते हुए योजना को जमीनी स्तर तक पहुंचाया।
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हजारों परियोजनाओं को मिला लाभ
सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने इस उपलब्धि पर अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि एआईएफ योजना के तहत प्रदेश में कुल 13,384 परियोजनाओं के लिए 8,394.17 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया है। इनमें से 12,602 लाभार्थियों को 5,754.37 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।

अगस्त 2020 से संचालित इस योजना के तहत दो करोड़ रुपये तक के ऋण पर केंद्र सरकार द्वारा तीन प्रतिशत ब्याज उपादान दिया जाता है। वहीं राज्य सरकार भी तीन प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज उपादान कृषि उद्यमियों, एफपीओ, पैक्स, मंडी समितियों और राज्य एजेंसियों को प्रदान कर रही है।
हजारों किसानों को ब्याज उपादान का लाभ
राज्य सरकार द्वारा एआईएफ के तहत 8,000 लाभार्थियों को तीन प्रतिशत ब्याज उपादान के रूप में 35 करोड़ रुपये उनके खातों में भेजे जा चुके हैं। इससे किसानों और कृषि उद्यमियों को आर्थिक मजबूती मिली है तथा कृषि अवसंरचना के विकास को नई गति मिली है।

सहकारिता विभाग में प्रशासनिक बदलाव
इस बीच राज्य सरकार ने नगर विकास विभाग के सचिव अजय शुक्ला को प्रमुख सचिव सहकारिता के पद पर तैनात किया है। इससे पहले सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी सौरभ बाबू संभाल रहे थे। नए नेतृत्व में विभाग से और बेहतर परिणामों की अपेक्षा जताई जा रही है।
उत्तर प्रदेश को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान न केवल सहकारिता विभाग की सफलता का प्रमाण है, बल्कि यह दर्शाता है कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से किस प्रकार प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है।